मुख्य फोकस वाक्य:* गोंदिया-बल्लारशाह रेल लाइन दोहरीकरण से विदर्भ में विकास की नई रफ्तार
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने गोंदिया से बल्लारशाह तक की 240 किमी लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए ₹4,819 करोड़ की मंजूरी दी है। इस परियोजना से न केवल यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही में सुधार होगा, बल्कि विदर्भ के आर्थि
क और पर्यटन विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को ‘गेमचेंजर’ बताते हुए कहा कि यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यात्री और माल परिवहन को बेहतर बनाएगा। वर्तमान में यह मार्ग एकल ट्रैक पर संचालित होता है, जिससे ट्रेनों की गति और समयबद्धता प्रभावित होती है। दोहरीकरण से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, देरी कम होगी और माल परिवहन की क्षमता में वृद्धि होगी।
इस परियोजना के तहत 36 बड़े पुल, 338 छोटे पुल, 67 रोड अंडर ब्रिज और 29 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। यह मार्ग नागझिरा वन्यजीव अभयारण्य और नवगांव राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख इको-पर्यटन स्थलों के पास से गुजरता है, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना को विदर्भ के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे मध्य प्रदेश और तेलंगाना के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र में 132 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 104 स्टेशन लगभग तैयार हैं।
इसके अलावा, एक विशेष ‘छत्रपति शिवाजी महाराज सर्किट’ रेल यात्रा की भी योजना है, जो महाराष्ट्र के किलों, सांस्कृतिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ते हुए 10 दिनों की यात्रा होगी। यह पहल राज्य के समृद्ध इतिहास और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए की जा रही है।
यह परियोजना केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में स्वीकृत ₹18,658 करोड़ के चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का हिस्सा है, जो कुल 1,247 किमी लंबी हैं। इन परियोजनाओं से न केवल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि निर्माण के दौरान लगभग 379 लाख मानव-दिनों का प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होगा।
गोंदिया-बल्लारशाह रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना से विदर्भ क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।








