राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का पर्यावरण की ओर बड़ा कदम: दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर हुआ व्यापक पौधारोपण अभियान
आज जब जलवायु परिवर्तन, प्रदू
षण और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियाँ मानव अस्तित्व को चुनौती दे रही हैं, ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक प्रेरणादायक पहल की है। दिल्ली से देहरादून तक फैले नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (कॉरिडोर) पर पौधारोपण अभियान का आयोजन कर पर्यावरण सरंक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।
यह अभियान न केवल एक हरित पहल है, बल्कि यह यह भी दर्शाता
है कि भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अब केवल कंक्रीट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हरियाली और स्थायित्व के सिद्धांतों पर भी आधारित है।
क्या है दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर?
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक बहुप्रतीक्षित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है जिसे NHAI द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई लगभग 210 किलोमीटर है और यह मार्ग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है।
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण से सफर का समय मौजूदा 6-7 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा। लेकिन NHAI का उद्देश्य केवल सुगम यातायात नहीं, बल्कि हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन भी है।
पौधारोपण अभियान की खास बातें
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अभियान की तिथि: जून 2025
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स्थान: कॉरिडोर के विभिन्न सेक्शन – गाज़ियाबाद, मुज़फ़्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार
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लक्ष्य: 1 लाख से अधिक पौधों का रोपण
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प्रकार: स्थानीय एवं जैविक रूप से उपयुक्त प्रजातियाँ जैसे – पीपल, नीम, अर्जुन, गुलमोहर, बकैन
अभियान में स्थानीय समुदाय, स्कूली छात्र, गैर-सरकारी संगठन, और पंचायत प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। NHAI ने इस प्रक्रिया को participative बना कर एक जनांदोलन में बदल दिया।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
高速 राजमार्ग के निर्माण में अक्सर पर्यावरणीय नुकसान होता है—जैसे पेड़ों की कटाई, मिट्टी का क्षरण और जैवविविधता पर असर। ऐसे में यह पौधारोपण अभियान:
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हरित आवरण की पुनःस्थापना करता है
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निर्माण के दौरान हुए पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई करता है
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राजमार्ग के किनारे ग्रीन बेल्ट बनाकर ध्वनि और वा
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यु प्रदूषण को कम करता है
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बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करता है
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जैवविविधता को संरक्षित करता हैNHAI की दीर्घकालिक योजना
NHAI अब हर नए हाइवे प्रोजेक्ट के साथ Environment Management Plan (EMP) अनिवार्य कर चुकी है। इस योजना में शामिल हैं:
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हरियाली की जियो-टैगिंग और निगरानी
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पौधों की सर्वाइवल रेट ट्रैकिंग
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ड्रिप इरिगेशन से पानी की बचत
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सड़क किनारे जैव-विविधता पार्क विकसित करने की योजना
‘हरित विकास’ का आदर्श उदाहरण
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर हुआ यह पौधारोपण अभियान एक आदर्श उदाहरण है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ कैसे चल सकते हैं।
एक ओर जहां यह कॉरिडोर उत्तर भारत के पर्यटन और व्यापार को नया आयाम देगा, वहीं दूसरी ओर यह रास्ता लोगों को हरियाली का सुखद एहसास कराएगा।
स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों की भागीदारी
NHAI ने इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया। बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ पेड़ लगाए और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया।
इससे पर्यावरणीय शिक्षा और चेतना का प्रसार हुआ, जो आने वाली पीढ़ियों को सतत विकास की दिशा में प्रेरित करेगा।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण के साथ संतुलन बनाए रखे। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर पौधारोपण अभियान NHAI की हरित सोच का सशक्त प्रमाण है।”








