भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न सिर्फ आतंकवादियों को करारा जवाब दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक सूझबूझ की मिसाल पेश की। यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सटीक योजना और अद्भुत साहस का प्रतीक बन गया है।
इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में छिपे खतरनाक आतंकियों को चिन्हित कर उन्हें निष्प्रभावी कर दिया। इस कार्रवाई में अत्याधुनिक त
कनीकों और जमीनी खुफिया जानकारी का कुशल उपयोग किया गया, जिससे किसी भी तरह की नागरिक हानि से बचा जा सका। सुरक्षा बलों की फुर्ती और अनुशासन ने यह साफ कर दिया कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि पहले से तैयारी के साथ निर्णायक वार करता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन चुकी है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस जैसे CNN, BBC और Al Jazeera ने भारत की इस साहसी कार्रवाई को ‘सर्जिकल स्ट्राइक का नया स्तर’ बताया है। कई विदेशी विशेषज्ञों ने इसे भारत की बदलती रणनीतिक सोच और क्षेत्रीय प्रभुत्व की पुष्टि बताया है।
दुनिया भर में भारत के इस कदम की सराहना इसलिए भी हो रही है क्योंकि यह ऑपरेशन न केवल प्रभावी रहा, बल्कि बेहद संयमित और कानूनी दायरे में रहकर किया गया। इससे यह संदेश भी गया है कि भारत आतंकवाद से लड़ने के लिए न सिर्फ तैयार है, बल्कि वैश्विक कानूनों और मानवाधिकारों की मर्यादा का भी पालन करता है।
इस ऑपरेशन ने भारत को एक सैन्य दृष्टि से परिपक्व और कूटनीतिक रूप से सतर्क राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ जवाब देने वाला देश नहीं है, बल्कि खतरे को जड़ से खत्म करने वाला राष्ट्र बन चुका है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आने वाले वर्षों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का एक मील का पत्थर माना जाएगा।`







