Bullet Train प्रोजेक्ट में आई बड़ी तेजी: रेल मंत्री ने दिया लेटेस्ट कंस्ट्रक्शन अपडेट, जानें कहां तक पहुंचा काम
भारत में आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में सबसे बड़ा कदम माने जाने वाले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। रेल मंत्री ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट (MAHSR) के कई चरणों का काम तय समय से आगे बढ़ रहा है और कई महत्वपूर्ण संरचनाएं अब तैयार हो चुकी हैं।
यह प्रोजेक्ट न केवल देश की गति को रफ्तार देगा, बल्कि भारत की तकनीकी दक्षता और बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलाव का प्रतीक भी बनेगा।
क्या है बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट?
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई
से अहमदा
बाद के बीच चलेगी। इसकी कुल दूरी लगभग 508 किलोमीटर है, जिसे बुलेट ट्रेन मात्र 2 से 3 घंटे में तय करेगी। जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा संचालित किया जा रहा है, और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) इसका वित्त पोषण कर रही है।
रेल मंत्री ने क्या बताया?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि—
-
अब तक कुल 400 किलोमीटर से अधिक ट्रैक के लिए सिविल वर्क्स पूरे हो चुके हैं।
-
वायाडक्ट (Viaduct) सेक्शन का एक बड़ा हि
-
स्सा बनकर तैयार है।
-
टनल ड्रिलिंग का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिसमें बोरीवली अंडरग्राउंड टनल सबसे जटिल भाग है।
-
8 रेलवे स्टेशन के डिजाइन और निर्माण कार्य का काफी हिस्सा पूरा कर लिया गया है।
-
स्लीपर फैब्रिकेशन और पिलर निर्माण जैसे कार्य निर्धारित गति से पूरे हो रहे हैं।
अब तक कहां-कहां हुआ कितना काम?
महाराष्ट्र में:
-
महाराष्ट्र में कुछ भूमि अधिग्रहण में देरी आई थी, लेकिन अब 90% ज़मीन अधिग्रहण हो चुका है।
-
मुंबई में अंडरग्राउंड टनल का निर्माण लगभग 50% पूरा हो चुका है।
गुजरात में:
-
गुजरात में कार्य सबसे तेजी से हुआ है।
-
लगभग 90% वायाडक्ट स्ट्रक्चर, 80
-
% स्टेशन स्ट्रक्चर और 85% पिलर कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका है।
दादरा और नगर हवेली में:
-
यहां भी ट्रैक निर्माण कार्य लगभग 70% तक पहुंच चुका है।
बुलेट ट्रेन: भारत की परिवहन क्रांति
बुलेट ट्रेन सिर्फ एक रेल सेवा नहीं है, यह भारत के भविष्य की झलक है। यह प्रोजेक्ट 21वीं सदी के भारत की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक सहयोग का उदाहरण है।
मुख्य विशेषताएं:
-
ट्रेन की गति: 320 किमी प्रति घंटा
-
यात्रा समय: 2-3 घंटे
-
स्टेशन: कुल 12, जिनमें प्रमुख हैं मुंबई, ठाणे, वापी, सूरत, बड़ौदा और अहमदाबाद
-
तकनीक: जापानी शिंकानसेन
-
फोकस: सुरक्षित, तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा
यात्रियों को क्या मिलेगा?
-
समय की बचत:
लंबी दूरी के यात्रियों को फ्लाइट जैसी सुविधा रेल में ही मिलेगी। -
सुरक्षा:
जापानी तकनीक के कारण यह ट्रेन भूकंप-रोधी और उच्च स्तर की सुरक्षा प्रणाली से लैस होगी। -
सुविधा:
आरामदायक सीटें, साइलेंट ट्रैवल, हाई-स्पीड इंटरनेट, और स्वच्छ वातावरण जैसे मॉडर्न फीचर्स इसमें शामिल होंगे।
आगे की रणनीति और अनुमानित लॉन्च
रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन 2026 के मध्य तक शुरू किया जा सकता है, जबकि यात्री सेवा 2027 तक चालू होने की संभावना है।
सरकार का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य बिना किसी और देरी के पूरे हों और यह परियोजना भारत को वैश्विक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के नक्शे पर स्थापित करे।
आर्थिक और सामाजिक असर
-
रोजगार: हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिल रहा है।
-
तकनीकी हस्तांतरण: जापानी इंजीनियर भारत के इंजीनियरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
-
इन्फ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: पूरे कॉरिडोर के आसपास नए विकास क्षेत्र उभर रहे हैं।








