Best News Portal Development Company In India

ट्रंप का ‘हवा महल’ 2029 से पहले नहीं उड़ेगा

ट्रंप का ‘हवा महल’ — 3400 करोड़ का तोहफा, लेकिन उड़ान 2029 से पहले नहीं

कल्पना कीजिए एक ऐसा निजी विमान जो एक चलती-फिरती हवेली हो — बुलेटप्रूफ, हाई-टेक, और लग्जरी से भरपूर। ये सिर्फ कल्पना नहीं है, बल्कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिलने वाला एक असली तोहफा है। कतर ने उन्हें एक अल्ट्रा-मॉडर्न, लगभग 3400 करोड़ रुपये (करीब 400 मिलियन डॉलर) मूल्य का विमान गिफ्ट किया है, जिसे मीडिया में ‘हवा महल’ की उपमा दी जा रही है।

लेकिन दिलचस्प

बात ये है कि यह ‘हवा महल’ अब 2029 से पहले उड़ान नहीं भरेगा। सवाल उठता है— क्यों?

कौन सा है ये वि

  1. मान?

यह कोई साधारण निजी जेट नहीं है। यह लगभग Air Force One के स्तर का एयरक्राफ्ट है — Boeing 747-8 Intercontinental। यह वही मॉडल है, जो अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सवारी के लिए प्रयोग होता है। इसकी रेंज, स्पीड, सिक्योरिटी फीचर्स और अंदरुनी डिज़ाइन ऐसे हैं कि यह एक उड़ता हुआ किला कहा जा सकता है।

इसमें राष्ट्रपति स्तरीय सुरक्षा, संचार प्रणाली, बैठक कक्ष, निजी बेडरूम, स्पेशल केबिन और कंफरेंस हॉल जैसी सुविधाएं हैं।

कतर ने क्यों दिया ट्रंप को यह तोहफा?

कतर और ट्रंप के बीच रिश्ते लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। ट्रंप के कार्यकाल में कतर ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश किए और ट्रंप प्रशासन ने भी कतर को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना।
सूत्रों के अनुसार, यह विमान कतर ने व्यक्तिगत संबंध और भविष्य की संभावित साझेदारियों के संकेत के तौर पर ट्रंप को गिफ्ट किया है।

हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे “डिप्लो

  1. मैटिक गिफ्ट” नहीं कहा गया है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति का ‘सॉफ्ट पावर’ डिप्लोमेसी माना जा रहा है।

2029 से पहले क्यों नहीं उड़ेगा?

अब बात आती है कि जब सब कुछ तैयार है तो विमान उड़ान क्यों नहीं भर सकता?

  1. फेडरल रजिस्ट्रेशन में देरी: अमेरिका में इतने बड़े और विशेष प्रयोजन के विमान को उपयोग में लाने के लिए FAA (Federal Aviation Administration) और कई अन्य विभागों की मंजूरी ज़रूरी है।

  2. राजनीतिक और कानूनी सीमाएं: ट्रंप अभी फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में हैं। अगर वे फिर से चुने जाते हैं तो इस विमान को राष्ट्रपति की यात्रा के लिए नहीं इस्तेमाल किया जा सकता क्योंकि अमेरिका का राष्ट्रपति सिर्फ आधिकारिक Air Force One में ही उड़ सकता है।

  3. टेक्निकल अपग्रेड्स पेंडिंग हैं:

    विमान को ट्रंप की विशेष ज़रूरतों के अनुसार कस्टमाइज़ किया जा रहा है, जिसमें साइबरसिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित साउंडप्रूफिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम्स को इंटीग्रेट करना बाकी है।

  4. प्रोटोकॉल और इमेज मैनेजमेंट: ट्रंप के खिलाफ चल रहे कुछ कानूनी मामलों और चुनावी प्रक्रिया के चलते वे अब किसी ऐसे भव्य गिफ्ट को अभी स्वीकार कर खुले रूप से इस्तेमाल नहीं कर सकते।

क्या यह विमान ट्रंप की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा है?

बहुत संभव है। 2024 और फिर 2028 के चुनावों को देखते हुए ट्रंप खुद को एक बार फिर अमेरिका का नेता और विश्व राजनीति में प्रभावशाली चेहरा बनाना चाहते हैं। ऐसे में इस तरह का हाई-प्रोफाइल विमान उनकी ब्रांडिंग और ग्लोबल स्टेटमेंट

का हिस्सा हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक निजी उपयोग का विमान नहीं, बल्कि एक चलती-फिरती राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बन सकता है।

विमान के अंदर की झलक

कुछ लीक हुई तस्वीरों और रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 15,000 स्क्वायर फीट का इंटीरियर स्पेस

  • गोल्ड प्लेटेड फिटिंग्स


  • 5 स्टार होटल जैसी सुविधाएं

  • इमरजेंसी वार रूम

  • नॉइज़ कैंसलिंग डोम और साउंडप्रूफ बेडरूम

  • अत्याधुनिक AI कम्युनिकेशन सिस्टम

इसका डिज़ाइन किसी राष्ट्रपति महल से कम नहीं है। ट्रंप के लग्ज़री स्टाइल को ध्यान में रखते हुए इसमें गोल्डन एक्सेंट्स, महंगे लेदर सीट्स और ओवल ऑफिस जैसा इंटीरियर सेटअप तैयार किया गया है।

क्या इस गिफ्ट पर सवाल उठ सकते हैं?

ज़रूर। अमेरिकी राजनीति में विदेशी गिफ्ट्स को लेकर नियम बहुत सख्त हैं। यदि ट्रंप इसे निजी तौर पर स्वीकारते हैं, तो उन्हें इसकी घोषणा करनी होगी और टैक्सेशन संबंधी नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, यह सवाल भी उठेगा कि क्या यह गिफ्ट राजनीतिक प्रभाव डालने के उद्देश्य से दिया गया?

 

Awaz Mazha
Author: Awaz Mazha

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

चांदी सोने की कीमत

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link