एक नो बॉल ने RCB को बचाया, जितेश आउट होते तो कुछ भी हो सकता था!
क्रिकेट को ‘अनिश्चित
ताओं का खेल’ यूं ही नहीं कहा जाता। हर गेंद, हर रन और हर निर्णय खेल की दिशा बदल सकता है — और IPL जैसे हाई-वोल्टेज टूर्नामेंट में ये क्षण इतिहास लिखते हैं। IPL 2025 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में, रॉयल चैलेंजर्स बैं
गलोर (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब एक नो बॉल ने पूरी तस्वीर पलट दी।
उस गेंद पर अगर जितेश शर्मा आउट हो जाते, तो शायद PBKS जीत की और बढ़ता। लेकिन किस्मत और नियमों ने RCB को नई सांस दी, और नतीजा — एक यादगार जीत!
आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं:
मैच का परिदृश्य
मैच आखिरी ओवरों में था। पंजाब किंग्स को जीत के लिए कु
छ ही रनों की जरूरत थी और क्रीज़ पर मौजूद थे इन-फॉर्म बल्लेबाज़ जितेश शर्मा। गेंदबाज़ी कर रहे थे RCB के डेथ ओवर स्पेशलिस्ट। तभी एक गेंद आई, जिसे जितेश ने ऊपर उठाया और कैच आउट हो गए।
RCB के खिलाड़ियों ने जश्न भी मना लिया। लेकिन तभी अंपायर ने इशारा किया — नो बॉल!
स्टेडियम में सन्नाटा और फिर हंगामा।
क्या हुआ था उस गेंद पर?
बॉल रिव्यू में साफ़ दिखा कि बॉलर का फ्रंट फुट क्रीज़ से आगे था। नियमों के अनुसार यह स्पष्ट नो बॉल थी। लिहाज़ा, जितेश शर्मा नॉट आउट करार दिए गए, और अगली गेंद फ्री हिट थी।
इस एक निर्णय ने:
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PBKS का विकेट बचाया
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RCB पर दबाव डाला
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मैच का रुख बदल दिया
परंतु इसके बाद RCB ने शानदार वापसी की और विकेट झटके, जिससे वो मैच में बने रहे और अंततः जीत हासिल की।
रणनीति या भाग्य?
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि:
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क्या नो बॉल्स के लिए सख्त प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए?
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क्या फ्रंट फुट नो बॉल के कारण ऐसे बड़े मुकाबलों में नियम बदलने चाहिए?
RCB की किस्मत जरूर चमकी, लेकिन यह भी तय है कि प्रोफेशनल स्तर पर ऐसी गलतियाँ भारी पड़ सकती हैं।
जितेश शर्मा: ‘गोल्डन मोमेंट’ से चूके?
जितेश शर्मा उस समय शानदार ल
य में थे। उनका आउट होना PBKS के लिए बड़ा झटका होता, लेकिन नो बॉल ने उन्हें जीवनदान दे दिया। हालांकि वे बाद में आउट हो गए, लेकिन उस क्षण ने PBKS की उम्मीदों को थोड़ी और हवा दी।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
RCB और PBKS दोनों के फैंस सोशल मीडिया पर भड़क उठे। Twitter/X पर “#NoBallDrama” और “#RCBvsPBKS” ट्रेंड करने लगे।
कुछ प्रतिक्रियाएँ:
“जितेश का विकेट गया नहीं, क्योंकि बॉलर ने लाइन
पार कर दी। ऐसी छोटी गलतियाँ बड़े मौके चुरा लेती हैं।”
— @cricket_guru
“RCB की किस्मत फिर साथ दे गई। लेकिन नो बॉल की आदत सुधारनी पड़ेगी।”
— @RCBfanForever
मैच का आँकड़ों से विश्लेषण
| स्थिति | विवरण |
|---|---|
| अंतिम ओवर से पहले | PBKS को 18 रन चाहिए थे |
| जितेश शर्मा का स्कोर | 34 रन (20 गेंदों में) |
| नो बॉल के बाद | फ्री हिट + अतिरिक्त रन |
| RCB की जीत का अंतर | 7 रन |
यह स्पष्ट है कि अगर वो नो बॉल ना होती, तो RCB की स्थिति और कमजोर हो सकती थी।
क्रिकेट में माइक्रो-मोमेंट्स का महत्व
क्रिकेट अब केवल स्कोरबोर्ड पर नहीं खेला जाता, बल्कि माइक्रो-मैनेजमेंट, नियमों की बारीकियाँ और तकनीकी अनुशासन का खेल बन चुका है।
एक नो बॉल:
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मैच बदल सकती है
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टूर्नामेंट की किस्मत पलट सकती है
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खिलाड़ियों के करियर को दिशा दे सकती है








