आर्टिकल 370 पर सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान: ‘केंद्र सरकार का कदम जम्मू-कश्मीर की स्थिरता के लिए जरूरी था’ – जानिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने क्यों की केंद्र की हिमायत
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने इसे राज्य की स्थिरता और विकास के लिए जरूरी कदम बताया। खुर्शीद का मानना है कि य

ह निर्णय राज्य में आतंकवाद और अलगाववाद की समस्या को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
आर्टिकल 370 का ऐतिहासिक संदर्भ
आर्टिकल 370 भारतीय संविधान का एक
अस्थायी प्रा
वधान था, जो जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता था। इस अनुच्छेद के तहत राज्य को अपनी संविधान बनाने, अलग झंडा रखने और कई मामलों में विशेष अधिकार प्राप्त थे। यह प्रावधान 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के समय लागू किया गया था।
केंद्र सरकार का निर्णय
5 अगस्त 2019 को, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। इस फैसले ने राज्य की विशेष स्थिति को समाप्त कर दिया और उसे भारतीय संविधान के तहत समान अधिकार प्रदान किए।
सलमान खुर्शीद का समर्थन
सलमान खुर्शीद ने केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम जम्मू-कश्मीर की स्थिरता और विकास के लिए आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति से राज्य में आतंकवाद और अलगाववाद की समस्या को समाप्त करने में मदद मिलेगी। खुर्शीद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय राज्य के लोगों के हित में लिया गया है और इससे वहां की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
खुर्शीद का यह बयान कांग्रेस पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि पार्टी के कई नेता इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ रहे हैं। खुर्शीद के समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श हो रहा है और कुछ नेता केंद्र सरकार के फैसले को सही मानते हैं।







