“शादी का झांसा, बलात्कार, ठगी और… मैट्रिमोनियल साइट पर मिला ‘दूल्हा’ यूं बर्बाद करता था महिलाओं की जिंदगी”
तकनीक के इस युग में रिश्तों की तलाश अब ऑनलाइन हो रही है। भारत में हजारों लोग हर दिन शादी के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और ऐप्स पर अपना प्रोफाइल बनाते हैं। लेकिन जिस जगह से उम्मीद होती है रिश्तों की शुरुआत की, वहीं से कु
छ महिलाओं की ज़िंदगी बर्बाद होने की कहानी भी शुरू हो रही है।
यह कहानी एक ऐसे ‘दूल्हे’ की है, जो किसी की जिंदगी का साथी बनने के बहाने आया और उनके जीवन को दर्द, शर्म और विश्वासघात में बदल गया।
शुरुआत एक प्रोफाइल से हुई
दिल्ली की रहने वाली 34 वर्षीय कविता (बदला हुआ नाम) ने एक प्रसिद्ध मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया। कुछ ही दिनों में उन्हें एक हैंडसम और सभ्य दिखने वाला व्यक्ति मिला—नाम था “राहुल शर्मा”। प्रोफाइल में लिखा था कि वह एक
सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, अमेरिका की एक कंपनी में काम करता है और जल्द ही भारत लौटने वाला है।
राहुल की प्रोफाइल, बातचीत का तरीका, और पारिवारिक विवरण सब कुछ इतना भरोसेमंद था कि कविता को लगने लगा कि शायद उन्हें अपना जीवनसाथी मिल गया है।
जाल में फँसने की प्रक्रिया
राहुल ने कविता से जल्दी ही फोन पर बात शुरू की, फिर वीडियो कॉल्स और मुलाकातें भी होने लगीं। वो अक्सर कहता, “मैं सिर्फ एक सच्चा रिश्ता चाहता हूं, शादी के बिना कुछ नहीं।”
कुछ महीनों में दोनों के बीच इतना वि
श्वास बन गया कि कविता ने अपनी कुछ निजी जानकारियाँ और आर्थिक स्थिति भी उसके साथ साझा कर दीं।
राहुल ने बहाने से एक दिन बड़ी रकम की मांग की—कभी इलाज के नाम पर, तो कभी बिजनेस में इमरजेंसी के बहाने। कविता, जिसे अब उस पर पूरी तरह विश्वास हो चुका था, ने उसे पैसे ट्रांसफर कर दिए।
शादी से पहले शारीरिक संबंध और बलात्कार का आरोप
इमोशनल और मानसिक रूप से कविता अब पूरी तरह से उस पर निर्भर हो चुकी थी। राहुल ने शादी से पहले फिजिकल रिलेशन बनाने की मांग की, यह कहते हुए कि “हम वैसे भी जल्द शादी कर ही रहे हैं।”
कविता ने यह मान लिया कि यह सिर्फ औपचारिकता है और शादी हो ही जाएगी। लेकिन एक रात, जब वह राहुल के घर गई, तो उसने जबरन संबंध बनाए और अगले दिन गायब हो गया।
विवाह नहीं, धोखा था
जब कविता ने उसे फोन किया,
तो वह नंबर स्विच ऑफ था। मैट्रिमोनियल साइट पर उसका प्रोफाइल भी डिलीट हो चुका था। घबराई कविता ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
राहुल शर्मा नाम का कोई व्यक्ति असल में है ही नहीं। यह एक फर्जी नाम था, और इसी व्यक्ति ने अलग-अलग शहरों की महिलाओं के साथ ऐसी ही वारदातें की थीं।
पुलिस जांच में हुआ खुलासा
जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम संदीप वर्मा है, और वह पिछले 3 वर्षों में करीब 12 महिलाओं को इसी तरह शादी का झांसा देकर लूट चुका है। किसी से लाखों रुपये ऐंठे, तो किसी के साथ बलात्कार किया और फिर गायब हो गया।
पुलिस ने बताया कि वह हर बार नया फर्जी नाम, नकली पहचान पत्र और अलग-अलग शहरों से सिम कार्ड लेकर काम करता था।
महिलाओं की जिंदगी पर असर
इन मामलों में सबसे बड़ी तकलीफ यह रही कि पीड़ित महिलाओं को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा। कुछ ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी, तो कुछ अवसाद (डिप्रेशन) में चली गईं।
इनमें से कुछ महिलाएं अब किसी रिश्ते पर भरोसा नहीं कर पातीं। समाज भी उन्हें ही दोषी ठहराने लगता है—”क्यों भरोसा किया?”, “शादी से पहले संबंध क्यों बनाए?”—जैसे सवालों ने उनका जीवन और कठिन बना दिया।
कैसे बचें ऐसे फर्जी ‘दूल्हों’ से?
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प्रोफाइल वेरिफिकेशन करें: किसी से मिलने से पहले उसके द्वारा दी गई जानकारी को क्रॉसचेक करें—पता, जॉब, फैमिली बैकग्राउंड आदि।
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जल्दी भरोसा न करें: रिश्तों में जल्दबाज़ी न करें। भावनाओं में बहकर निजी जानकारी और पैसे शेयर करना खतरनाक हो सकता है।
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पुलिस वेरिफिकेशन या बैकग्राउंड चेक कराएं: अब कई प्राइवेट एजेंसियाँ प्रोफाइल चेक करने की सुविधा देती हैं।
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शारीरिक संबंध से पहले शादी की वैध प्रक्रिया पूरी करें: जब तक शादी कानूनी रूप से नहीं हो जाती, संबंधों से बचें।
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शक हो तो तुरंत FIR दर्ज कराएं: देर करने से आरोपी भाग सकता है और सबूत मिटा सकता है।








