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उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी का समर्थन किया

मुंबई
राजनीतिक गलियारों में गर्माहट बढ़ गई है। महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार चर्चा का केंद्र हैं शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी। राहुल गांधी के हालिया दावों पर उद्धव ठाकरे ने अपनी साप्ताहिक मुखपत्र ‘सामना’ के माध्यम से समर्थन जाहिर किया है और भाजपा पर तीखा हमला करते हुए लिखा है — “मेकअप उतर गया है।”

 पृष्ठभूमि

हाल ही में राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में बीजेपी और शिंदे गुट की सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि राज्य की मौजूदा सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है और इसका लोकतांत्रिक जनादेश के साथ कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2024 में भाजपा की हार के संकेत स्पष्ट हैं, और महाराष्ट्र इसका पहला संकेत है।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। जहां भाजपा और सहयोगी दलों ने राहुल गांधी पर ‘झूठा प्रचार’ फैलाने का आरोप लगाया, वहीं उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी की बातों को सही ठहराते हुए एक तीखा संपादकीय लिखा।

 सामना में क्या लिखा उद्धव ठाकरे ने?

‘सामना’ में प्रकाशित उद्धव ठाकरे के लेख में उन्होंने न सिर्फ राहुल गांधी का समर्थन किया, बल्कि महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति की आलोचना भी की।

उद्धव ठाकरे ने लिखा:

“राहुल गांधी की नजर में जो सच्चाई है, वही जनता को दिखने लगी है। सत्ता के लालच में जो ‘मेकअप’ लगाया गया था, अब वह पिघलने लगा है। चेहरे की असलियत सामने आ रही है।”

उन्होंने संकेत दिया कि बीजेपी और

उसके सहयोगी दलों ने सत्ता की ललक में जनादेश की पवित्रता को रौंदा, और अब जनता धीरे-धीरे इनकी हकीकत समझ रही है।

 किसे कहा ‘मेकअप’?

ठाकरे का “मेकअप उतर गया है” बयान प्रतीकात्मक है। उन्हों

ने भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट पर तंज कसते हुए यह दर्शाया कि इनकी सत्ता केवल बाहरी दिखावे और झूठे वादों पर टिकी है, जो अब जनता की नज़रों में बेनकाब हो रही है।

उन्होंने लिखा:

“चुनाव जीतने के लिए चेहरा सजाया गया, वादों की लिपस्टिक लगाई गई, लेकिन यह श्रृंगार जनता को धोखा देने के लिए था। अब चुनाव सामने हैं, और बारिश में मेकअप बह गया है।”

 महा विकास आघाड़ी की एकजुटता

उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी का यह एक-दूसरे के बयानों के समर्थन में सामने आना, यह दिखाता है कि महा विकास आघाड़ी (MVA) के घटक दल एक बार फिर से चुनावी मोर्चे पर एकजुट हैं।

ठाकरे ने अपने लेख में यह भी लिखा:

“हमने सत्ता की कुर्सी छोड़ी लेकिन सिद्धांत नहीं छोड़ा। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनके विचार हमें ताकत देते हैं कि हम जनता के साथ सच्चाई पर खड़े रहें।”

यह कथन साफ़ तौर पर एक संकेत है कि MVA एक बार फिर 2024-2025 के विधानसभा चुनावों के लिए संगठित और सशक्त रणनीति के साथ उतरने वाला है।

 भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा ने सामना में प्रकाशित इस लेख को “हास्यास्पद और बचकाना” बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उद्धव ठाकरे खुद सत्ता के लिए कांग्रेस और NCP की गोद में जा बैठे थे और अब नैतिकता की बात कर रहे हैं।

भाजपा के अनुसार, राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे की यह दोस्ती “राजनीतिक असुरक्षा” की निशानी है।

 जनता का मूड?

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जनता अब तेजी से अपने अनुभवों के आधार पर मत बना रही है। महंगाई, बेरोजगारी और किसान आत्महत्याओं जैसे मुद्दे जमीनी स्तर पर चर्चा का केंद्र बनते जा रहे हैं।

अगर ठाकरे और राहुल गांधी का यह बंधन सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने में सफल रहा, तो यह आने वाले चुनावों में भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।

 उद्धव की रणनीति क्या है?

उद्धव ठाकरे फिलहाल दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं —

  1. राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई,

  2. जनता से सीधा संवाद

सामना जैसे मंच से वह लगातार जनता से संपर्क बनाए हुए हैं और राष्ट्रीय नेताओं के बयानों के माध्यम से अपनी लाइन साफ कर रहे हैं। राहुल गांधी को समर्थन देना इस बात का संकेत है कि उद्धव कांग्रेस के साथ दीर्घकालीन गठबंधन की ओर बढ़ रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

Awaz Mazha
Author: Awaz Mazha

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