अग्निपथ’ से ‘अवसरपथ’ की ओर: पूर्व अग्निवीरों के करियर की प्रगति अब गृह मंत्रालय के हाथों, केंद्र सरकार उठाने जा रही बड़ा कदम
केंद्र सरकार ने अब ‘अग्निपथ योजना’ के अंतर्गत सेवा पूरी कर चुके युवाओं यानी पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इन युवाओं को केवल सैन्य सेवा तक सीमित न रखकर उन्हें मुख्यधारा की सरकारी और सुरक्षा सेवाओं में स्थान देने के लिए गृह मंत्रालय अब उनकी करियर प्रगति की जिम्मेदारी उठाने जा रहा है।
इस नए प्रस्ताव के अनुसार
, अब पूर्व अग्निवीरों की प्रगति, पुनर्वास, पुनःनियोजन और स्किल डेवलपमेंट का समन्वय गृह मंत्रालय करेगा। इससे साफ है कि सरकार अब अग्निपथ योजना को केवल चार साल की सेवा का मंच नहीं बल्कि एक दीर्घकालीन राष्ट्र निर्माण योजना के रूप में देख रही है।
🇮🇳 क्या है अग्निपथ योजना?
‘अग्निपथ योजना’ भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अल्पकालिक अनुबंध पर सैनिकों की भर्ती की एक क्रांतिकारी पहल है। इसके तहत चुने गए युवा ‘अग्निवीर’ कहलाते हैं और चार साल की सेवा के बाद उनका मूल्यांकन कर 25% को स्थायी सेवा में रखा जाता है, जबकि शेष 75% को अर्थिक पैकेज और ट्रेनिंग के साथ नागरिक जीवन में पुनर्स्थापित किया जाता है।
क्यों आवश्यक था यह कदम?
इस योजना की शुरुआत से ही एक सवाल बार
-बार उठता रहा — “चार साल बाद बाकी अग्निवीरों का क्या?”
हालांकि सरकार ने उन्हें आर्थिक सहायता, स्किल सर्टिफिकेट, और आगे की शिक्षा के विकल्प देने की बात कही थी, फिर भी भविष्य की स्पष्टता की कमी ने कई युवाओं को असमंजस में डाला।
अब सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अग्निवीर सिर्फ सैनिक नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माता हैं। और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की नौकरियों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस विभागों, औद्योगिक सुरक्षा बलों और निजी क्षेत्र में भी प्राथमिकता मिलेगी।
गृह मंत्रालय कैसे करेगा प्रबंधन?
गृह मंत्रालय अब एक केंद्रीकृत प्रगति निगरानी प्रणाली (Progress Tracking Mechanism) तैयार कर रहा है, जिसके तहत:
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सभी पूर्व अग्निवीरों का डेटा प्रोफाइल तैयार किया जाएगा
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उनकी रुचियों और स्किल्स के आधार पर करियर विकल्पों की मैपिंग होगी
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अर्धसैनिक बलों में विशेष कोटा और भर्ती प्रक्रिया तैयार की जाएगी
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निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के साथ MoUs कर युवाओं को अवसर दिए जाएंगे
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पुनःप्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए उन्हें नए क्षेत्रों में तैयार किया जाएगा
अर्धसैनिक बलों में विशेष लाभ
गृह मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है
कि पूर्व अग्निवीरों को CAPFs (BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) में 10% आरक्षण मिलेगा।
इसके लिए:
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उम्र सीमा में छूट
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आवेदन शुल्क में राहत
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फिजिकल टेस्ट में प्राथमिकता
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मेडिकल मानकों में विशेष छूट
यह कदम न केवल पूर्व अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार देगा, बल्कि अर्धसैनिक बलों को अनुशासित, प्रशिक्षित और देशभक्त कर्मियों से लाभ भी मिलेगा।
निजी क्षेत्र में भी अवसर
सरकार की योजना सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। गृह मंत्रालय उद्योग संगठनों, मल्टीनेशनल कंपनियों और MSMEs के साथ मिलकर एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करेगा, जिससे अग्निवीरों को निजी क्षेत्र में भी स्थान मिले।
रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रमाणित स्किल सर्टिफिकेट और सेवा अनुभव को कॉर्पोरेट जगत में स्वीकार्यता दिलाई जाएगी।
स्किल डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा
अग्निवीरों को IGNOU जैसे संस्थानों के माध्यम से डिग्री कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, Skill India, NSDC, और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत उन्हें आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों जैसे AI, Robotics, Cyber Security आदि में प्रशिक्षित
किया जाएगा।
‘फौजी से अफसर’ तक: एक नया बदलाव
यह योजना अब केवल ‘सेवा’ तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के विकास का एक सशक्त प्लेटफॉर्म बन रही है।
गृह मंत्रालय की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट है — ‘अग्निवीर’ केवल चार साल के लिए नहीं, बल्कि जीवनभर देश सेवा के लिए तैयार किए गए भविष्य के लीडर हैं।
भविष्य की राह
इस योजना के तहत अगले कदम होंगे:
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एक डेडिकेटेड पोर्टल का लॉन्च जहां सभी पूर्व अग्निवीर अपना प्रोफाइल अपडेट कर सकेंगे
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गृह मंत्रालय की ओर से राज्यों को दिशा-निर्देश जारी करना कि वे अपने पुलिस बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता दें
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कॉरपोरेट काउंसलिंग कार्यक्रमों का आयोजन
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पूर्व अग्निवीरों की सफलता कहानियों को राष्ट्रीय मीडिया में प्रस्तुत करना, ताकि अधिक युवा इससे प्रेरणा लें








