Best News Portal Development Company In India

DGT और शेल इंडिया की संयुक्त पहल

DGT और शेल इंडिया की संयुक्त पहल: युवाओं को बनाएंगे हरित भविष्य के लिए तैयार, शुरू हुआ ईवी स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम

भारत में हरित ऊर्जा और ई-मोबिलि

टी क्रांति तेजी से रफ्तार पकड़ रही है, और इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। निदेशालय सामान्य प्रशिक्षण (DGT) और शेल इंडिया ने मिलकर देश के युवाओं को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के क्षेत्र में कुशल बनाने के लिए एक हरित कौशल-केंद्रित ईवी प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य है – युवाओं को न केवल नौकरी के लिए तैयार करना, बल्कि उन्हें हरित तकनीक और टिकाऊ भविष्य के वाहक के रूप में तैयार करना। यह पहल प्रधानमंत्री के “हरित भारत और आत्मनिर्भर भारत” के विजन को भी मजबूती देती है।

क्या है यह संयुक्त EV ट्रेनिंग कार्यक्रम?

यह एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन टेक्नोलॉजीज से जुड़े कौशल पर केंद्रित है।

इस कार्यक्रम को देश के चुनिंदा आईटीआई संस्थानों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य अगले 5 वर्षों में हजारों युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में प्रशिक्षित और सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य:

  1. युवाओं को इलेक्ट्रिक मोबि

  2. लिटी और बैटरी टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाना

  3. हरित और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देना

  4. भारत में ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करना

  5. औद्योगिक मांग के अनुसार प्रशिक्षित मैनपावर तैयार करना

  6. तकनीकी शिक्षा में नवाचार और उद्योग-साझेदारी को प्रोत्साहित करना

प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

इस कोर्स में शामिल होंगे:

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मूलभूत कार्यप्रणाली

  • ईवी बैटरी और चार्जिंग सिस्टम

  • मोटर कंट्रोल सिस्टम

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल

  • EV सर्विसिंग और डायग्नोस्टिक्स

  • ईवी कंपोनेंट असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग की जानकारी

इसके साथ ही युवाओं को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, वर्कशॉप विज़िट्स, और इंडस्ट्री इंटरैक्शन का भी अनुभव दिया जाएगा।

क्यों है यह पहल अहम?

भारत में 2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है। वर्तमान में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उत्साह तो है, लेकिन EV तकनीशियनों की भारी कमी भी एक बड़ी चुनौती है।

DGT और शेल इंडिया की यह पहल इस गैप को भरने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि भारत को हरित ऊर्जा नेतृत्व में भी बढ़त मिलेगी।

शेल इंडिया और DGT की भूमिकाएं

शेल इंडिया: इस परियोजना में तकनीकी विशेषज्ञता, पाठ्यक्रम विकास, और इंडस्ट्री एक्सपोजर उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा शेल द्वारा प्रशिक्षकों को भी स्किल-अपग्रेडेशन की सुविधा दी जा रही है।

DGT (Directorate General of Training): यह पूरे देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) के माध्यम से इस कोर्स को लागू करेगा। डीजीटी पाठ्यक्रम का प्रमाणीकरण, मूल्यांकन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।

युवाओं की प्रतिक्रिया

आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों में इस कोर्स को लेकर उत्साह देखा गया। कई युवाओं ने कहा:

“हम पहली बार ऐसे कोर्स का हि

स्सा बन रहे हैं जो हमें भविष्य की तकनीक से जोड़ रहा है। अब हम सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी में योगदान देने वाले बनेंगे।”पर्यावरणीय दृष्टिकोण

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल स्किल डेवलपमेंट नहीं, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता और हरित क्रांति का भी माध्यम है। इससे युवाओं में:

  • सस्टेनेबिलिटी के मूल्यों का विकास होगा

  • कार्बन फुटप्रिंट कम करने की तकनीकी समझ बनेगी

  • हरित ऊर्जा को जीवनशैली में अपनाने की सोच उत्पन्न होगी

आगे की योजना

इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने के बाद इसे देशभर के 1000 से अधिक आईटीआई संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। इसके लिए केंद्र सरकार, निजी क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से एक ईवी स्किल नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Awaz Mazha
Author: Awaz Mazha

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

चांदी सोने की कीमत

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link