शेर-ए-हिंद, शहीद हज़रत टीपू सुल्तान की २२६वीं यौमे शहादत के अवसर पर, दिनांक ४ मई २०२५ को *हज़रत टीपू सुल्तान फाउंडेशन, चंद्रपूर* की ओर से एक भावपूर्ण एवं सेवाभावी कार्यक्रम का आयोजन डेबो सावली, महाकाली नगरी भाग-२, देवाळा स्थित वृद्धाश्रम में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत *टीपू
सुल्तान के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित* कर हुई, जिसमें फाउंडेशन के पदाधिकारी, सदस्यगण, चिकित्सक वर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मौके पर “सेवा ही सच्ची श्रद्धांजली है” के विचार को केंद्र में रखते हुए तीन प्रमुख उपक्रम आयोजित किए गए — *फ्री मेडिकल कॅम्प, **अन्नदान कार्यक्रम, और **देश के शहीदों को श्रद्धांजलि*।
*फ्री मेडिकल कॅम्प* के अंतर्गत वृद्धाश्रम के बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों की टीम ने रक्तचाप, शुगर, आँखों व अन्य सामान्य स्वास्थ्य की जांच की और मुफ्त दवाइयाँ वितरित कीं। इस सेवा के दौरान बुजुर्गों ने फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
इसके पश्चात फाउंडेशन की ओर से “अन्नदान – महादान” कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धाश्रम के सभी निवासियों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन वितरित किया गया। फाउंडेशन के युवाओं ने स्वयं हाथों से परोसकर बुजुर्गों की सेवा की, जिससे एक पारिवारिक वातावरण बना। भोजन वितरण के इस दृश्य ने मानवीय संवेदनाओं को जीवंत किया।
तीसरे और महत्वपूर्ण खंड में, हाल ही में *कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नागरिकों* को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। मोमबत्तियाँ जलाकर, शहीदों के चित्रों के समक्ष पुष्प अर्पण कर और मौन रखकर उपस्थित जनसमूह ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को याद किया।
इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों — डॉक्टर, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक — की भागीदारी ने इसे एक सामाजिक एकता का प्रतीक बना दिया। हज़रत टीपू सुल्तान फाउंडेशन ने इस सेवा उपक्रम से न केवल अपने महानायक की विरासत को जीवंत किया, बल्कि समाज में *सेवा, मानवता और देशभक्ति* का संदेश भी दृढ़ता से स्थापित किया।
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन के सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि आगे भी ऐसे सेवाभावी कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा और देश के वीरों की याद में समाज कल्याण के लिए प्रेरणादायक पहल की जाएगी।







