नई दिल्ली, 8 मई 2025 – भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हाल के समय का एक अत्यंत संवेदनशील और प्रशंसनीय मानवीय मिशन बनकर उभरा है। यह अभियान विदेशों में संकट में फंसी भारतीय महिलाओं—विशेष रूप से विवाहित महिलाओं—को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से स्वदेश लाने के उद्देश्य से संचालित किया गया था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की संकल्पना भा
रत सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके माध्यम से वह विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और हितों की रक्षा सुनिश्चित करती है। यह ऑपरेशन विशेष रूप से उन भारतीय महिलाओं पर केंद्रित था, जो पारिवारिक या सामाजिक कारणों से विदेशों में मुश्किल परिस्थितियों में फँस गई थीं, और जिन्हें कानूनी, सामाजिक व भावनात्मक सहायता की आवश्यकता थी।
🟠 मिशन की पृष्ठभूमि:
पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार के समक्ष ऐसी कई घटनाएँ सामने आई थीं, जिनमें भारतीय महिलाएं विवाह के बाद विदेशी धरती पर असहाय स्थिति में छोड़ दी गई थीं। कई मामलों में उनके पास वैध दस्तावेज़ नहीं थे, कानूनी मदद उपलब्ध नहीं थी, और वे अत्यंत पीड़ादायक स्थिति में जीवन व्यतीत कर रही थीं।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए विदेश मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, और भारतीय दूतावासों के समन्वय से यह मिशन शुरू किया गया। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम इसलिए दिया गया, क्योंकि यह उन भारतीय महिलाओं की गरिमा और अधिकार की रक्षा का प्रतीक है, जिनके माथे का सिंदूर उनके सम्मान और सुरक्षा का परिचायक है।
🟠 मिशन की प्रमुख उपलब्धियाँ:
अब तक के आँकड़ों के अनुसार, इस अभियान के अंतर्गत लगभग 300 भारतीय महिलाओं को संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर, मलेशिया, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों से वापस लाया गया है। कुछ मामलों में यह प्रक्रिया बेहद जटिल रही—महिलाओं को उनके पतियों द्वारा पासपोर्ट से वंचित कर दिया गया था, या फिर वे घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का शिकार थीं।
सरकार ने इन महिलाओं को कानूनी परामर्श, अस्थायी आश्रय, और मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराया। भारत वापसी पर उन्हें पुनर्वास सहायता, आत्मनिर्भरता कार्यक्रम, और कौशल प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए गए।
🟠 विदेश मंत्रालय की भूमिका:
इस अभियान में विदेश मंत्रालय का नेतृत्वकारी योगदान रहा। विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर ने व्यक्तिगत रूप से मिशन की निगरानी की और संबंधित भारतीय मिशनों को त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। प्रत्येक महिला की स्थिति को केस-बाय-केस आधार पर देखा गया और दूतावासों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर उन्हें सुरक्षित निकाला।
साथ ही, NRI केंद्रों, हेल्पलाइन नंबरों, और विशेष मोबाइल ऐप्स की मदद से महिलाओं द्वारा सीधे संपर्क स्थापित करने की सुविधा दी गई। यह तकनीकी पहल इस अभियान की सफलता में सहायक रही।
🟠 महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की भूमिका:
मिशन की सफलता में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी के नेतृत्व में मंत्रालय ने देश लौटने वाली महिलाओं को पुनर्वास के लिए विशेष योजनाएँ शुरू कीं। कई महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षित किया गया और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
🟠 मानवीय दृष्टिकोण:
‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक राजनीतिक या प्रशासनिक प्रयास नहीं था, यह एक संवेदनशील और मानवीय पहल है। यह उस सोच को दर्शाता है जिसमें सरकार देश के हर नागरिक—विशेष रूप से महिलाओं—की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी देती है, चाहे वह देश में हो या विदेश में।
यह मिशन भारतीय विदेश नीति की मानवीय छवि को भी मजबूती प्रदान करता है। जहां अन्य देश अपने नागरिकों को प्राथमिकता देते हैं, वहीं भारत अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसके नागरिक कहीं भी हो, उनकी सहायता की जाएगी।
🟠 भविष्य की योजना:
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक बार का मिशन नहीं है, बल्कि इसे एक सतत प्रक्रिया के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लिए एक स्थायी कोष स्थापित करने की योजना है जो संकट की स्थिति में तुरंत राहत सुनिश्चित कर सके।
इसके अलावा, विवाह के समय विदेश में रहने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि जाँचने की व्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है ताकि भारतीय महिलाएं ऐसे जाल में न फँसें।
🟠 निष्कर्ष:
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत सरकार के उन प्रयासों का प्रतीक है जो यह दर्शाते हैं कि जब बात अपने नागरिकों की सुरक्षा और गरिमा की होती है, तो भारत न सिर्फ आवाज़ उठाता है, बल्कि ठोस कार्य भी करता है। यह मिशन भारतीय नारी के आत्मसम्मान और स्वतंत्र अस्तित्व की रक्षा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
सरकार का यह संकल्प सराहनीय है कि वह अपने नागरिकों को किसी भी परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ेगी—और विशेषकर तब नहीं जब वह महिला हो, जो अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की रीढ़ है।
🌍 भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ – जहां हिम्मत, संवेदनशीलता और नेतृत्व एक साथ मिलते हैं







