अमेरिका और पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर की बातचीत: क्या है इसके पीछे की रणनीति?
हाल ही में, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बीच हुई बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस वार्ता का उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना था।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
एक हालिया आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया। भारत ने पाकिस्तान के तीन एयरबेस पर मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने “ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस” शुरू किया और भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका
अमेरिका ने इस संकट में मध्यस्थता की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। विदेश मंत्री रुबियो ने जनरल मुनीर से बातचीत में तनाव कम करने और सीधी बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ सैन्य अभियान की योजना बन रही है। जनरल मुनीर ने अमेरिका से इस अभियान में सहयोग की मांग की, जिसमें खुफिया जानकारी और तकनीकी सहायता शामिल है।
चीन के प्रभाव को संतुलित करना
अमेरिका ने पाकिस्तान से चीन के साथ सुरक्षा सहयोग को सीमित करने और केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित रखने की सलाह दी है। चीन द्वारा ग्वादर में सैन्य अड्डे स्थापित करने की योजना पर अमेरिका ने चिंता व्यक्त की है।
आर्थिक सहयोग और निवेश
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जनरल मुनीर ने अमेरिका में पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय से निवेश की अपील की है। उन्होंने विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के माध्यम से सुरक्षित निवेश का आश्वासन दिया है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और संतुलित कूटनीति
जनरल मुनीर ने अमेरिका में अपने दौरे के दौरान पाकिस्तान को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का केंद्र बनाने और ब्लॉक राजनीति से दूर रहने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी मित्र देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है।







