शादी के नाम पर जाल, 23 की उम्र में 25 बार ब्याह रचाया, लाखों ठगे… जानिए ‘नकली दुल्हन’ की असली कहानी
यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि हकीकत है। 23 साल की एक युवती ने ऐसा धोखा दिया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। उसने खुद को मासूम, अकेली और संस्कारी लड़की बताकर 25 पुरुषों से शादी की, और फिर उनके घर से लाखों रुपये, गहने, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लेकर चंपत हो गई।
यह मामला न सिर्फ ए
क बड़ी ठगी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आज के डिजिटल युग में रिश्तों की भावनात्मक कमजोरी को कैसे अपराधी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
कैसे रची जाती थी ये फर्जी शादी?
पकड़ी गई महिला, जिसे पुलिस ने ‘नकली
दुल्हन’ नाम दिया
है, ने पूरी तरह से एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर यह ठगी की योजना बनाई थी। वह ज्यादातर शादी-ब्याह कराने वाले ऑनलाइन पोर्टल्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और कुछ परंपरागत रिश्तेदारों के ज़रिए भी संपर्क बनाती थी।
पहले वह खुद को एक साधारण, घरेलू, विधवा या फिर मजबूर लड़की बताकर सामने वाले को भावनात्मक रूप से जोड़ती। कुछ दिनों की बातचीत के बाद शादी की बात तय होती और जैसे ही शादी होती, कुछ ही दिनों में वह बहाना बनाकर मायके चली जाती और फिर कभी वापस नहीं आती।
25 शादियाँ, हर बार नई पहचान
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नकली दुल्हन ने हर शादी में नई पहचान और नई कहानी गढ़ी। कभी वह अनाथ बताती, तो कभी विधवा, कभी परिवार की माली हालत खराब होने का हवाला देती। हर बार उसका नाम, पता और पहचान अलग होती थी। पुलिस के अनुसार, उसके पास कम से कम 15 से ज़्यादा फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और पैन कार्ड मिले हैं।
शादियों के लिए वह छोटे कस्बों, गांवों और कभी-कभी शहरों में भी सक्रिय रही। हर जगह उसने खुद को धार्मिक और पारिवारिक लड़की बताकर लोगों को भरोसे में लिया।
कितने रुपये ठगे?
प्रत्येक शादी के बाद वह दहेज, शादी में मिले तोहफे, नकदी और जेवर लेकर गायब हो जाती थी। पुलिस के अनुमान के अनुसार अब तक वह करीब 40-50 लाख रुपये की ठगी कर चुकी है। कई बार तो उसके गिरोह ने शादी के बाद परिवारवालों को धमकाकर भी पैसा वसूला।
कैसे हुआ पर्दाफाश?
एक पीड़ित ने जब थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नवविवाहिता पत्नी शादी के चार दिन बाद घर से गहने और नकदी लेकर फरार हो गई, तब पुलिस ने छानबीन शुरू की। सोशल मीडिया और शादी के दस्तावेज़ों की जांच के दौरान पुलिस को एक ही चेहरा कई जगह नजर आया। जब इस महिला की असली पहचान पता चली, तो हैरानी की सीमा न रही।
गिरोह में कौन-कौन?
जांच में यह सामने आया कि यह युवती अकेली नहीं थी। उसके साथ एक पूरा गैंग काम करता था, जिसमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। ये लोग मिलकर प्लान बनाते, लड़की का रिश्ता तय करते, शादी करवाते और फिर उसे गायब कर देते। कई बार शादी कराने वाले पंडित, नकली रिश्तेदार भी इस गिरोह का हिस्सा थे।
सोशल मीडिया बना हथियार
इस नकली दुल्हन और उसके गिरोह ने सोशल मीडिया का ग़लत इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फँसाया। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फेक प्रोफाइल बना कर शादी के इच्छुक युवकों को टारगेट किया जाता था। भावनात्मक बातचीत के ज़रिए विश्वास कायम किया जाता और फिर शादी की बात पक्की कर दी जाती।
पीड़ितों की हालत
जिन पुरुषों से उसने शादी की, वे अब गहरे सदमे में हैं। किसी की ज़िंदगी की कमाई चली गई, तो किसी की समाज में प्रतिष्ठा। कई पीड़ित ऐसे भी हैं जो शर्मिंदगी के कारण सामने आने से भी डरते हैं। अब पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई और पीड़ित है, तो सामने आए।
पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह मामला अब इंटरस्टेट क्राइम के तहत दर्ज किया गया है, क्योंकि आरोपी महिला ने कई राज्यों में फर्जी शादियाँ की हैं।
समाज के लिए चेतावनी
इस मामले से समाज को एक बड़ा सबक मिलता है। रिश्तों के नाम पर भावनात्मक और आर्थिक ठगी एक गंभीर अपराध है। लोग अक्सर शादी के नाम पर जांच-पड़ताल नहीं करते और भावनाओं में बह जाते हैं। यह घटना बताती है कि जरूरी है हर संबंध की पृष्ठभूमि की सही जानकारी ली जाए, विशेषकर जब वो अनजान स्रोत से हो।








