अंकिता भंडारी हत्याकांड: 500 पन्नों की चार्जशीट, 100 गवाह, और वीआईपी कनेक्शन की गुत्थी
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया। 18 सितंबर 2022 को लापता हुई अंकिता का शव 24 सितंबर को चीला नहर से बरामद हुआ। इस मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर, और सहायक प्रबंधक अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में 100 गवाहों के बयान दर्ज किए और 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, इस केस में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, विशेषकर वीआईपी कनेक्शन को लेकर। आइए जानते हैं इस हत्याकांड की पूरी कहानी और उससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
अंकिता भंडारी का ला

पता होना और शव की बरामदगी
18 सितंबर 2022 को
अंकिता भंडारी अपने कार्यस्थल वनंतरा रिजॉर्ट से लापता हो गई। उसके बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उसकी हत्या की गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा किया और लोग न्याय की मांग करने सड़कों पर उतर आए।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस जांच
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते
हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 86 दिन की जांच के बाद 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 100 गवाहों के बयान शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए। हालांकि, इस मामले में वीआईपी कनेक्शन को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
चार्जशीट में शामिल महत्वपूर्ण साक्ष्य
चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, और फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं, जो आरोपियों की संलिप्तता को दर्शाते हैं। इसके अलावा, 35 गवाहों के महत्वपूर्ण बयान भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ाते हैं।
न्यायिक प्रक्रिया और आगामी सुनवाई
चार्जशीट दाखिल होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2022 को निर्धारित की गई है, जिसमें आरोपियों के नार्को टेस्ट की अनुमति पर भी विचार किया जाएगा। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का आदेश दिया है।
वीआईपी कनेक्शन की गुत्थी
इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या कोई वीआईपी व्यक्ति इस हत्या में शामिल था? मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने पुलिस से पूछताछ के दौरान एक वीआईपी का नाम लिया था, लेकिन अब तक उसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस की थ्योरी के अनुसार, वीआईपी का नाम किसी कमरे या सर्विस के संदर्भ में था, लेकिन इस पर अभी भी संशय बना हुआ है।
अंकिता भंडारी के परिवार की प्रतिक्रिया
अंकिता के परिवार ने आरोप लगाया है कि रिजॉर्ट में काम करने के दौरान उसे अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव डाला जा रहा था। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे मार डाला। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
समाज और मीडिया की भूमिका
इस मामले में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर #JusticeForAnkitaBhandari हैशटैग के तहत अभियान चलाए गए, जिससे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इसके अलावा, समाज के विभिन्न वर्गों ने भी न्याय की मांग की है, जिससे सरकार और प्रशासन पर दबाव बना है।







