“लग रहा था सुलह होगी, लेकिन ट्रंप ने मस्क को चेतावनी दे दी – गंभीर नतीजे होंगे अगर…”
दुनिया की सबसे ताकतवर राजनीति और टेक्नोलॉजी की दो प्रमुख हस्तियाँ—डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क—इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिकी मीडिया और सोशल मीडिया पर ये चर्चाएँ जोरों पर थीं कि ट्रंप और मस्क के बीच जारी
मतभेद अब खत्म होने की कगार पर हैं। दोनों के बीच बैकडोर मीटिंग्स और सोशल मीडिया पर कुछ सकारात्मक इशारों के बाद लग रहा था कि अब सुलह की कोई राह निकलेगी। लेकिन जैसे ही उम्मीदें मजबूत हो
ने लगीं, ट्रंप ने एक बयान देकर पूरे समीकरण को पलट कर रख दिया।
क्या कहा ट्रंप ने?
एक हालिया इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क को सीधे तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर मस्क राजनीति में हस्तक्षेप करना जारी रखते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। वो बिजनेस करें, लेकिन राजनीति में टांग अड़ाना बंद करें।”
इस बयान ने न केवल मस्क के समर्थकों को हैरान कर दिया, बल्कि यह संकेत भी दे दिया कि अमेरिका में टेक्नोलॉजी और राजनीति की ताकतों के बीच टकराव अब और भी गहरा सकता है।
पहले क्या चल रहा था?
एलन मस्क ने हाल ही में कई ऐसे बयान दिए जो यह संकेत दे रहे थे कि वे रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुक रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर डेमोक्रेट्स की नीतियों की आलोचना की और ट्रंप के कुछ विचारों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन भी दिया। इस बीच, ट्रंप की टीम की ओर से भी कुछ ऐसे संकेत मिले कि वे मस्क को अपनी रणनीतिक टीम का हिस्सा बनाना चाह सकते हैं।
लेकिन दरार क्यों आई?
असल में मस्क की ओर से टेक इंडस्ट्री पर बढ़ते सरकारी नियंत्रण के खिलाफ बयानबाज़ी ट्रंप को नागवार गुजरी। मस्क ने यह स्पष्ट कहा था कि “सरकार को टेक्नोलॉजी सेक्टर में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए”, जिससे यह संकेत मिला कि वे किसी भी राजनीतिक दल—चाहे वो डेमोक्रेट हो या रिपब्लिकन—की आलोचना करने से नहीं चूकेंगे।
ट्रंप, जो खुद को ‘नियंत्रण में विश्वास करने वाला’ नेता मानते हैं, मस्क की इस ‘स्वतंत्र सोच’ से असहज हो गए। उन्होंने मस्क को ‘अनपेक्षित और अस्थिर’ सोच वाला कहा, जिससे साफ हो गया कि दोनों के बीच का रिश्ता अब औपचारिक से टकरावपूर्ण हो चुका है।
मस्क का जवाब?
एलन मस्क ने ट्रंप की चेतावनी का कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा:
“टेक्नोलॉजी का भविष्य स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति में है, नियंत्रण में नहीं।”
इस ट्वीट को ट्रंप की चेतावनी का परोक्ष जवाब माना जा रहा है।
असर क्या होगा?
इस तकरार का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों शख्सियतें वैश्विक स्तर पर प्रभाव रखती हैं। ट्रंप अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति हैं और 2024 में फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हैं, जबकि मस्क दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों – जैसे कि टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स (ट्विटर) – के प्रमुख हैं।
अगर यह विवाद और गहराता है, तो इसका असर टेक्नोलॉजी सेक्टर की नीतियों, सोशल मीडिया की आज़ादी, और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय बिजनेस डील्स पर भी पड़ सकता है।
निवेशकों और जनता की प्रतिक्रिया
बाज़ार में इस खबर के बाद हलचल देखी गई। टेस्ला और एक्स के शेयरों में थोड़ी गिरावट आई, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से ट्रंप के समर्थकों में मस्क के प्रति नकारात्मक भावनाएं बढ़ सकती हैं।
जनता भी दो धड़ों में बँट गई है—एक पक्ष मस्क की स्वतंत्र सोच का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष ट्रंप के ‘नियंत्रण में विश्वास’ की सराहना कर रहा है।
आगे क्या?
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राजनीतिक रणनीति में बदलाव: ट्रंप अब टेक इंडस्ट्री के खिलाफ कुछ नीतिगत प्रस्ताव ला सकते हैं।
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मस्क की प्रतिक्रियाएँ: मस्क भविष्य में और मुखर हो सकते हैं, जिससे यह लड़ाई और तीव्र हो सकती है।
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पार्टी डिवाइड: रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मस्क के समर्थक और विरोधी खेमे बनने शुरू हो सकते हैं।








