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सोनम हत्याकांड में पुलिस बेबस

सोनम… एक साधारण सी लड़की, जिसकी ज़िंदगी अचानक एक जटिल और रहस्यमयी मौत में तब्दील हो गई। वारदात के बाद जो सुराग मिले—एक सफेद शर्ट पर खून के धब्बे, एक रेनकोट जो किसी डरावनी फिल्म के दृश्य जैसा लग रहा था, और कमरे में टंगी एक उल्टी तस्वीर—ने न केवल पुलिस को परेशान किया, बल्कि परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

 अपराध की पहली झलक: एक शांत सुबह, एक भयावह दृश्य

घटना वाली सुबह सब कुछ सा

मान्य लग रहा था। सोनम के परिवार ने जब दरवाजा नहीं खुला देखा, तो उन्होंने उसे आवाज़ लगाई। कोई जवाब नहीं आया। जब दरवाज़ा तोड़ा गया, तो सामने था एक ऐसा मंजर जिसने सबके होश उड़ा दिए।

सोनम की लाश ज़मीन पर पड़ी थी, सफेद शर्ट पर खून फैला हुआ था, बगल में एक खून से सना रेनकोट था और दीवार पर टंगी सोनम की तस्वीर उल्टी कर दी गई थी।

 पुलिस की शुरुआती जांच: सुराग या सिर्फ भ्रम?

पुलिस को शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। उन्होंने फोरेंसिक टीम को बुलाया, आसपास के CCTV खंगाले और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली। लेकिन सभी सुराग अधूरे या भ्रमित करने वाले निकले।

  • सफेद शर्ट: खून तो था, लेकिन डीएनए किसी तीसरे शख्स का नहीं मिला।

  • रेनकोट: लगता है जानबूझकर छोड़ा गया था, जैसे कोई डर दिखाना चाहता हो।

  • उल्टी तस्वीर: कोई सांकेतिक संदेश? या सिर्फ डराने का तरीका?

 पुलिस की थ्योरीज़ और परिवार की बेचैनी

पुलिस इसे ‘पर्सनल एंगर क्राइम’ मान रही थी। उन्होंने दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हुई। हफ्ते बीत गए, लेकिन केस वहीं का वहीं।

सोनम की मां कहती हैं:

“हर सुबह उम्मीद लेकर उठते हैं कि शायद आज कुछ पता चलेगा… लेकिन हर शाम निराशा हाथ लगती है।”

 ज्योतिष का सहारा: जब तारों में तलाशा गया जवाब

आखिरकार, जब पुलिस हाथ खड़े कर बैठ गई, तो सोनम का परिवार ज्योतिषियों और तांत्रिकों की ओर मुड़ गया। एक ज्योतिषाचार्य ने बताया कि लड़की की मृत्यु ‘ग्रहों के बुरे संयोग’ से हुई है और कोई “करीबी व्यक्ति” इसके पीछे है।

उसने कुछ संकेत दिए:

  • घर में दक्षिण दिशा की तस्वीर उल्टी होना “दुर्घटना या षड्यंत्र” का संकेत है।

  • खून का रेनकोट जलाने की सलाह दी गई—ताकि “आत्मा को शांति मिले”।

  • सफेद शर्ट को मंदिर में चढ़ाने का सुझाव दिया गया।

 मीडिया और समाज का दबाव

घटना ने मीडिया का ध्यान खींचा। टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई—क्या हमारी कानून व्यवस्था इतनी असहाय है कि अब परिजन सितारों और ग्रहों से न्याय मांग रहे हैं?

सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा:

“अगर पुलिस अपना काम करती, तो किसी मां को सितारों की ओर नहीं देखना पड़ता।”

 पुलिस का बचाव और आलोचना

पुलिस का कहना है कि मामला “अत्यंत जटिल” है और जांच जारी है।
SP क्राइम ने प्रेस को बताया:

“हम सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। टेक्निकल, साइंटिफिक और इमोशनल, सब पर काम हो रहा है।”

लेकिन परिवार और समाज को अब भी लग रहा है कि कहीं ना कहीं जांच में ढील बरती जा रही है।

 सुरागों में छिपा रहस्य

अब सवाल यह उठता है कि:

  • क्या रेनकोट सिर्फ भ्रम

  •  फैलाने के लिए था?

  • क्या सफेद शर्ट किसी और की थी, जिसे गलतफहमी में सोनम पहन रही थी?

  • क्या उल्टी तस्वीर हत्या से एक दिन पहले ही उलटी गई थी?

इन सभी सवालों के जवाब अब भी अनसुलझे हैं।

 मनोवैज्ञानिक पहलू: क्या किसी ने मानसिक दबाव बनाया?

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोनम मेंटल टॉर्चर का शिकार हो रही थी। हो सकता है कि यह आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा हो, लेकिन इसके पीछे गहरी मानसिक प्रताड़ना हो।

एक मनोवैज्ञानिक कहते हैं:

“उल्टी तस्वीरें अक्सर गिल्ट और मानसिक उलझनों का संकेत होती हैं। ये घटनाएं कभी-कभी शारीरिक अपराध से ज़्यादा मानसिक हमले होती हैं।”

 परिवार की उम्मीदें, अब भी ज़िंदा

आज भी सोनम के माता-पिता हर सुबह दरवाजे की घंटी बजने पर यह सोचते हैं कि शायद कोई सुराग लेकर आया हो।
उन्होंने सोनम की याद में एक छोटा सा मंदिर बनवाया है, जहां हर मंगलवार को दीया जलाते हैं।

उनकी एक ही दुआ है:

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Awaz Mazha
Author: Awaz Mazha

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