सोना, भारतीय घ
रों में सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि एक इमोशनल इन्वेस्टमेंट माना जाता है। शादी-ब्याह से लेकर तीज-त्योहार तक, गोल्ड का इस्तेमाल शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन बीते कुछ समय से सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। यदि आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये लेख आपके लिए बेहद जरूरी है।
क्या चल रहा है 10 ग्राम सोने का ताज़ा रेट?
इस हफ्ते की शुरुआत में
24 कैरेट सोने का रेट ₹72,000 के करीब था, लेकिन सप्ताहांत तक यह घटकर ₹70,800 तक आ गया। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग ₹66,000 प्रति 10 ग्राम तक बिकता रहा। ऐसे उतार-चढ़ाव निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए चिंता का कारण हैं।
रेट में उतार-चढ़ाव के पीछे के कारण
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अंतरराष्ट्रीय बाजार:
डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा। -
क्रूड ऑयल और ब्याज दरें:
अमेरिका की ब्याज दरों और कच्चे तेल की कीमतों का भी असर गोल्ड रेट पर देखने को मिला। -
रुपये की स्थिति:
भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को प्रभावित किया। -
सरकारी नीतियां:
इंपोर्ट ड्यूटी और GST जैसी नीतियों में छोटे बदलाव भी कीमत पर असर डालते हैं।
हफ्तेभर का गोल्ड रेट ट्रेंड
| तारीख | 22 कैरेट रेट (10g) | 24 कैरेट रेट (10g) |
|---|---|---|
| सोमवार | ₹66,400 | ₹72,100 |
| मंगलवार | ₹66,150 | ₹71,800 |
| बुधवार | ₹65,900 | ₹71,500 |
| गुरुवार | ₹66,050 | ₹71,700 |
| शुक्रवार | ₹66,000 | ₹70,800 |
(रेट्स में राज्य और शहर अनुसार मामूली अंतर हो सकता है।)
क्या करें खरीदारी से पहले?
1. कीमत की तुलना करें:
अलग-अलग वेबसाइट्स और ज्वेलर्स के रेट्स ज़रूर चेक करें।
2. BIS हॉलमार्क जरूर देखें
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सोना खरीदते समय गुणवत्ता की पुष्टि हॉलमार्क से करें।
3. वेटिंग न करें बेवजह:
अगर कीमतें स्थिर हैं और खरीदारी ज़रूरी है, तो ज्यादा इंतज़ार न करें।
4. ऑनलाइन और ऑफलाइन रेट्स की तुलना:
कई बार ऑनलाइन गोल्ड रेट कम होता है, लेकिन डिलीवरी चार्ज और टैक्स जोड़कर कीमत बढ़ जाती है।
5. गोल्ड ETF पर भी विचार करें:
अगर आप निवेश के लिहाज़ से सोच रहे हैं, तो फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल या गोल्ड ETF बेहतर विकल्प हो सकता है।
निवेश के नज़रिए से सोना
सोना हमेशा से एक Safe Haven Asset माना गया है।
जब शेयर बाजार में अनिश्चितता होती है या महंगाई बढ़ती है, तो लोग गोल्ड की ओर भागते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
“2025 तक गोल्ड ₹80,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है अगर महंगाई और डॉलर की स्थिति इसी तरह बनी रहती है।”
टैक्स और चार्जेस का भी रखें ध्यान
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GST: 3%
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मेकिंग चार्ज: 5% से 20% तक (डिजाइन पर निर्भर)
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हॉलमार्किंग फीस: नाममात्र, लेकिन जरूरी
इसलिए सिर्फ बाजार रेट ही नहीं, फाइनल बिल पर ध्यान देना ज़रूरी है।
कब करें सोने की खरीदारी?
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शादी या त्योहारों के समय: आमतौर पर कीमतें बढ़ जाती हैं।
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ऑफ सीजन: कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं।
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अक्षय तृतीया, धनतेरस: शुभ मुहूर्त के साथ छूट भी मिलती है।
कैसे रखें खुद को अपडेटेड?
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RBI और IBJA की वेबसाइट से रोज़ाना के रेट्स चेक करें।
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मोबाइल ऐप्स जैसे GoldPriceToday या MMTC-PAMP इस्तेमाल करें।
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सोशल मीडिया चैनलों से जुड़े रहें जहां लाइव अपडेट्स मिलते हैं।
उपभोक्ता क्या कह रहे हैं?
मुंबई के एक ज्वेलर बताते हैं:
“लोग दाम गिरने का इंतज़ार करते हैं, लेकिन अक्सर जब रेट गिरता है तो उन्हें स्टॉक ही नहीं मिलता।”
वहीं पुणे की एक गृहिणी कहती हैं:








