नई दिल्ली —
राजनीति और सोशल मीडिया का रिश्ता आजकल बेहद संवेदनशील और तुरंत प्रतिक्रिया वाला बन चुका है। एक छोटी सी टिप्पणी कभी-कभी बड़ा विवाद बन जाती है और फिर उसके बाद आती है सफाई और सार्वजनिक माफ़ी। ऐसा ही कुछ देखने को मिला है तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले के मामले में।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत की पूर्व वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी के खिलाफ एक व्यक्तिगत और कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर काफी बवाल मचा और अंततः उन्हें माफी मां
गनी पड़ी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा – “मुझे सच में बहुत दुख है।”
मामला क्या था?
कुछ दिन पहले साकेत गोखले ने लक्ष्मी पुरी से जुड़े एक
निजी मुद्दे पर एक टिप्पणी कर दी थी, जिसमें उनकी पारिवारिक स्थिति और राजनीतिक रुझान को लेकर सवाल उठाए गए थे। यह टिप्पणी तेज़ी से वायरल हुई और लोगों ने इसे व्यक्तिगत हमला और अनुचित बताया।
लक्ष्मी पुरी, जो कि पूर्व विदेश सेवा अधिकारी और भारत सरकार के कई विभागों में कार्य कर चुकी हैं, काफी प्रतिष्ठित सार्वजनिक चेहरा रही हैं। वह संयुक्त राष्ट्र में महिला सशक्तिकरण विभाग की सहायक महासचिव भी रह चुकी हैं।
उनके पति, हरदीप सिंह पुरी, वर्तमान में भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। साकेत गोखले की टिप्पणी में इन पारिवारिक संबंधों को लेकर कटाक्ष था, जिसे काफी आपत्तिजनक और गैर-जरूरी बताया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई। एक पक्ष जहां गोखले का समर्थन कर रहा था, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी टिप्पणी को निंदनीय और अनैतिक बताया।
कई राजनीतिक विश्लेषकों ने भी कहा कि लोकतंत्र में असह
मति का स्थान है, लेकिन व्यक्तिगत हमलों का नहीं।
गोखले की माफी: क्या कहा उन्होंने?
कुछ ही घंटों बाद बढ़ते दबाव और विरोध के बीच साकेत गोखले ने एक लंबा सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में माफी मांगी।
उनका बयान इस प्रकार था:
“मेरी टिप्पणी से अगर लक्ष्मी पुरी जी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे उसका बेहद खेद है। मेरी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी, बल्कि कुछ तथ्यों पर सवाल उठाना था। यदि मेरी भाषा या अंदाज़ गलत लगा हो तो मैं निःसंकोच माफी मांगता हूं।”
उन्होंने आगे लिखा:
“लोकतंत्र में बहस होनी चाहिए, लेकिन वह गरिमा के साथ होनी चाहिए। मैं इस अनुभव से सीख लेकर आगे और ज़िम्मेदारी से काम करूंगा।”
क्या ये माफी काफी है?
राजनीति में माफी एक दोधारी तलवार होती है —
एक ओर यह परिपक्वता और जिम्मेदारी का संकेत देती है,
दूसरी ओर इसे कुछ लोग कमज़ोरी या राजनीतिक दबाव में लिया गया कदम मानते हैं।
इस मामले में साकेत गोखले की माफी को कई लोगों ने सकारात्मक रूप में देखा, लेकिन कुछ लोग अब भी उनके पुराने ट्वीट को लेकर नाराज़ हैं।
TMC की प्रतिक्रिया
TMC पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व सार्वजनिक विवादों से दूरी बनाए रखने के पक्ष में है। पार्टी ने साकेत गोखले को भविष्य में सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विश्लेषण: सोशल मीडिया की आचारसंहिता जरूरी
इस प्रकरण ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को शब्दों की गरिमा और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। आलोचना, सवाल और विचार व्यक्त करना लोकतंत्र का मूल है, लेकिन व्यक्तिगत आक्षेप लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध हैं।
लक्ष्मी पुरी का अब तक कोई बयान नहीं
हालांकि पूरे मामले पर लक्ष्मी पुरी ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उ








