प्रस्तावना: योग का अद्वितीय संगम
हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का हिस्सा बन चुका है। इस बार यह आयोजन और भी खास होने जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्र
बाबू नायडू एक साथ मंच साझा कर योग करेंगे।
यह दृश्य न केवल भारत की विवि
धता में एकता को दर्शाएगा, बल्कि योग को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठाकर जन-जन की ऊर्जा से जोड़ने का प्रतीक भी बनेगा।
योग: भारत से विश्व तक का सफर
2014 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तावित “International Day of Yoga” आज 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।
इसका उद्देश्य न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करना भी है।
मोदी और नायडू की साझेदारी: एक मजबूत संदेश
इस वर्ष, योग दिवस पर दिल्ली नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश का विजयनगरम जिला केंद्र बनेगा। जहां एक ऐतिहासिक आयोजन में पीएम मोदी और सीएम नायडू एक साथ योग करते नजर आएंगे।
यह घटना इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि यह केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग और समन्वय का प्रतीक होगी — खासकर ऐसे समय में जब राष्ट्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण चरम पर है।
इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य:
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योग को जन-जन तक पहुंचाना
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राजनीतिक नेताओं द्वारा व्यक्तिगत उदाहरण प्रस्तुत करना
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भारत को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना
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राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग का प्रदर्शन
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पर्यटन, संस्कृति और स्वास्थ्य का एक साथ प्रचार
कार्यक्रम की रूपरेखा:
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तारीख: 21 जून 2025
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स्थान: विजयनगरम, आंध्र प्रदेश
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समय: सुबह 6:00 बजे से 8:30 बजे तक
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आयोजक: आयुष मंत्रालय, भारत सरकार व आंध्र प्रदेश सरकार
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भागीदारी: लगभग 20,000 नागरिक, योग गुरू, स्कूल छात्र, और अंतर्राष्ट्रीय मेहमान
प्रधानमंत्री मोदी का योग के प्रति दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने कई बार अपने भाषणों में कहा है कि:
“योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की
एक कला है।”
उनके नेतृत्व में योग को जन-आंदोलन का रूप मिला है। 2023 में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में योग कर चुके पीएम मोदी इस बार भारतीय धरती पर एक और यादगार आयोजन को आकार देंगे।
चंद्रबाबू नायडू की भूमिका: स्वास्थ्य और नवाचार का संयोजन
सीएम नायडू, जो तकनीक और विकास को प्रोत्साहन देने के लिए जाने जाते हैं, इस बार स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता को जोड़ते दिखेंगे। उन्होंने कहा:
“योग आंध्र प्रदेश के हर गांव और घर में पहुंचना चाहिए, यह हमारा लक्ष्य है।”
योग के फायदे: विज्ञान और अनुभव की पुष्टि
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तनाव और चिंता में कमी
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इम्युनिटी सिस्टम मजबूत
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हार्मोन बैलेंस
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नींद में सुधार
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आत्म-संयम और एकाग्रता बढ़ना
योग का वैश्विक प्रभाव
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UN, WHO, और UNESCO जैसे संगठनों ने योग को मान्यता दी है
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विदेशों में योग पर्यटन बढ़ा है
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अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों में योग सेंटरों की संख्या 300% बढ़ी
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भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ में वृद्धि
राजनीति और योग: एक नई पहल
योग कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है, यह एक सांस्कृतिक धरोहर है। लेकिन जब राजनेता इसे आत्मसात करते हैं, तो यह विश्वास और आदर्श का प्रतीक बन जाता है।
मोदी और नायडू का संयुक्त योग न केवल दृश्यात्मक आकर्षण होगा, बल्कि यह दिखाएगा कि स्वास्थ्य और संस्कृति कैसे शासन की प्राथमिकता बन सकते हैं।
योग दिवस का भविष्य विजन
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हर पंचायत स्तर तक योग केंद्र
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स्कूल पाठ्यक्रम में योग अनिवार्य
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योग प्रशिक्षकों के लिए सर्टिफिकेशन कोर्स
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International Yoga Festival का वार्षिक आयोजन








