Israel-Iran Conflict: खतरे में 10,000 भारतीय! वायुसेना रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तैयार, सरकार का बस इशारा बाकी
इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि युद्ध के आसार बनते नजर आ रहे हैं। इस टकराव के बीच सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इजराइल में इस समय लगभग 10,0
00 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार, स्टूडेंट्स, व्यापारी और टूरिस्ट शामिल हैं।
इन हालात को देखते हुए भारत सरकार भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। रक्षा मंत्रालय और वायुसेना ने मिलकर एक आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना तैयार कर ली है। ऑपरेशन को शुरू करने के लिए सिर्फ सरकार के इशारे की देर है।
यह घटनाक्रम सिर्फ विदेश नीति और सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय संकट बनता जा रहा है। इस लेख में हम जानेंगे इजराइल-ईरान टकराव की ताजा स्थिति, भारत की तैयारी, वायुसेना की भूमिका और इससे जुड़ी हर जरूरी जानकारी।
क्या है इजराइल-ईरान के बीच का विवाद?
इजराइल और ईरान के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी अब फिर से खुली जंग में बदलती नजर आ रही है। हाल ही में इजराइल द्वारा ईरान समर्थित गुटों पर किए गए हमलों और इसके जवाब में ईरान की ओर से मिली धमकियों ने मध्य-पूर्व को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
ईरान का दावा है कि इजराइल क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है, जबकि इजराइल का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाकर क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल रहा है।
🇮🇳 भारत के नागरिक संकट में
इजराइल में रह रहे भारतीयों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। भारतीय दूतावास लगातार लोगों से संयम बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है।
फंसे हुए भारतीयों की श्रेणियां:
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प्रवासी कामगार – निर्माण, सफाई, सेवा क्षेत्र में कार्यरत।
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छात्र – इजराइल की यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाई कर रहे भारतीय स्टूडेंट्स।
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पर्यटक – हेरिटेज और धार्मिक स्थलों के लिए गए टूरिस्ट्स।
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व्यवसायी – व्यापार और तकनीकी क्षेत्र में जुड़े लोग।
भारतीय वायुसेना की तैयारी
भारतीय वायुसेना ने संभावित “ऑपरेशन सुरक्षित वापसी” के लिए रणनीति तैयार कर ली है। C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार रखे गए हैं।
वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही सरकार से “गो” सिग्नल मिलेगा, राहत और निकासी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
एयर ऑपरेशन के मुख्य बिंदु:
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निकासी के लिए इजराइल के सबसे सुरक्षित हवाई अड्डों की पहचान की जा चुकी है।
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अम्बुलेंस और मेडिकल सपोर्ट भी तैयार रखे गए हैं
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जरूरत पड़ने पर नौसेना के जहाज भी उपयोग में लाए जाएंगे।
सरकार की रणनीति
भारत सरकार ने तीन स्तरीय रणनीति बनाई है:
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कूटनीतिक बातचीत: इजराइल और ईरान दोनों के संपर्क में रहकर स्थिति को समझना।
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सुरक्षा समन्वय: वायुसेना, नौसेना और विदेश मंत्रालय के बीच 24×7 समन्वय।
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निकासी योजना: जरूरत पड़ने पर तत्काल सभी नागरिकों की निकासी।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी कहा है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
पहले भी चला चुके हैं सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
भारत को आपातकालीन निकासी अभियानों में महारत हासिल है। इससे पहले भी हमने देखा है:
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ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन-रूस युद्ध के समय)
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ऑपरेशन कावेरी (सूडान संकट)
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ऑपरेशन राहत (यमन में गृहयुद्ध के दौरान)
इन सभी अभियानों में भारत ने हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला और इस बार भी उसी कुशलता की उम्मीद है।
क्या कर सकते हैं फंसे भारतीय?
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भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
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भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें।
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पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
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SOS पोर्टल या MEA के इमरजेंसी नंबर पर रजिस्ट्रेशन कराएं।
संभावित खतरे और वैश्विक असर
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तेल की कीमतों में उछाल: भारत सहित कई देशों को पेट्रोल-डीजल महंगा पड़ सकता है।
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शेयर बाजार में गिरावट: वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों में डर।
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सुरक्षा चुनौती: खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा भी चिंता का विषय।








