Air India Flight: एक बार फिर फ्लाइट को बीच रास्ते से लौटना पड़ा! दिल्ली से बाली जा रही थी उड़ान, लेकिन इस बार वजह कुछ अलग है…
भारत की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को सुरक्षा कारणों या तकनीकी खराबी के चलते लौटना पड़ा था, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। दिल्ली से इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाली जा रही फ्लाइट को उड़ान के कुछ घंटे बाद वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। यात्रियों के बीच हलचल और चिंता के माहौल के बीच एयरलाइन ने एक अलग ही कारण बताया, जो पहले सामने आए मामलों से काफी अलग है।
बीते कुछ महीनों में यह चौथा मामला है जब एयर इंडिया की किसी इंटरनेशनल फ्लाइट को टेक-ऑफ के बाद बीच रास्ते से लौटना पड़ा हो। हालांकि हर बार वजहें अलग रही हैं—कभी तकनीकी खराबी, कभी मेडिकल इमरजेंसी और कभी विमान में किसी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट—but this time, the reason is truly unusual.
तो आखिर क्या हुआ था इस फ्लाइट में? क्या यात्रियों को कोई खतरा हुआ? और क्या बार-बार फ्लाइट्स के लौटने का मतलब एयर इंडिया की विश्वसनीयता पर सवाल है? आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
क्या था पूरा मामला?
Air India की फ्लाइट AI 754 ने निर्धारित समय पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। यह फ्लाइट इंडोनेशिया के बाली शहर के लिए निर्धारित थी, जो अपने बीच, रिसॉर्ट्स और हनीमून डेस्टिनेशन के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। फ्लाइट ने सही समय पर टेक-ऑफ किया, लेकिन करीब दो घंटे बाद विमान को अचानक दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया।
यात्रियों को सूचित किया गया कि विमान किसी कारणवश आगे नहीं जा सकता और वह वापस दिल्ली लौट रहा है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर चिंता और नाराज़गी ज़ाहिर की। लेकिन असली वजह सामने आने पर कई लोग चौंक गए।
इस बार वजह थी… ‘क्रू मेंबर की तबीयत खराब होना’!
जी हां, इस बार फ्लाइट को इसलिए लौटाया गया क्योंकि एक मुख्य क्रू मेंबर (केबिन सुपरवाइजर) की तबीयत अचानक उड़ान के दौरान बिगड़ गई। यह व्यक्ति फ्लाइट की सुरक्षा और संचालन में अहम भूमिका निभाता है।
एयर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक:
“फ्लाइट AI 754 को सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए वापस लाया गया क्योंकि फ्लाइट के वरिष्ठ क्रू सदस्य की तबीयत उड़ान के दौरान बिगड़ गई थी। नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में फ्लाइट को आगे ले जाना जोखिम भरा हो सकता है।”
क्रू मेंबर को उतरने के बाद तुरंत मेडिकल सहायता दी गई और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
क्यों इतना अहम होता है क्रू मेंबर?
विमान में पायलट्स के साथ-साथ क्रू मेंबर्स भी यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और इमरजेंसी हैंडलिंग के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। खासकर फ्लाइट सुपरवाइजर की गैरमौजूदगी में:
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यात्रियों की आपात स्थिति में प्रतिक्रिया धीमी हो सकती है।
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सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन मुश्किल हो सकता है।
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फ्लाइट की इंटरनल टीम का संतुलन बिगड़ सकता है।
यही वजह है कि DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के नियमों के तहत इस स्थिति में फ्लाइट को लौटाने का निर्णय लेना अनिवार्य होता है।
क्या यात्रियों को हुआ कोई नुकसान?
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फ्लाइट वापस लौटने के कारण यात्रियों को तय समय पर बाली नहीं पहुंचने की परेशानी उठानी पड़ी।
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एयर इंडिया ने सभी यात्रियों को दिल्ली में होटल में ठहराने की व्यवस्था की।
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पुनः निर्धारित फ्लाइट के लिए नई बुकिंग दी गई।
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कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयर इंडिया के सेवा प्रबंधन की सराहना भी की, जबकि कुछ ने सवाल उठाए।
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क्या यह बार-बार की घटनाएं चिंता का कारण हैं?
एअर इंडिया की फ्लाइट्स में तकनीकी कारणों, मेडिकल इमरजेंसी और अन्य वजहों से फ्लाइट लौटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि यह एयरलाइन की सतर्कता को भी दर्शाता है कि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
लेकिन सवाल यह भी है:
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क्या क्रू की स्वास्थ्य जांच पहले से नहीं हो सकती?
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बार-बार फ्लाइट डाइवर्ट करने से ब्रांड छवि पर असर नहीं पड़ रहा?
विशेषज्ञों के अनुसार, ये घटनाएं भले ही अनजाने में हो रही हों, लेकिन इनकी आवृत्ति को कम करने के लिए इंटरनल ट्रेनिंग, क्रू हेल्थ मॉनिटरिंग और टेक्निकल ऑडिट की ज़रूरत है।







