भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (Department of Administrative Reforms and Public Grievances – DARPG) ने मई 2025 के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 34वीं मासिक CPGRAMS रिपोर्ट (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) जारी की है। यह रिपोर्ट देश में नागरिकों की शिकायतों के समाधान की दिशा में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए प्रयासों का मूल्यांकन करती है।
CPGRAMS एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो भारत सरकार द्वारा नागरिकों की शिकायतें प्राप्त करने, उन पर कार्रवाई करने और उनके समाधान की निगरानी के लिए विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाते हैं। मई 2025 की यह रिपोर्ट सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
इस रिपोर्ट में शिकायतों के निपटारे

की संख्या, समाधान की औसत अवधि, विभागों की सक्रियता, दोबारा शिकायतों की दर, और नागरिक संतोष के स्तर जैसे अनेक मानकों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। यह रिपोर्ट न केवल नागरिकों की अपेक्षाओं को प्रतिबिंबित करती है, बल्कि शासन प्रणाली की कार्यकुशलता को सुधारने के लिए एक मजबूत मार्गदर्शक भी बनती है।
DARPG के अनुसार, मई 2025 में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कुल मिलाकर लाखों शिकायतों का निपटारा किया। कुछ राज्यों ने जहां अपनी कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार दिखाया, वहीं कुछ क्षेत्रों में अभी भी सुधार की आवश्यकता है। इस रिपोर्ट में उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है ताकि अन्य राज्य उनके मॉडल से प्रेरणा लेकर अपनी प्रणाली को सशक्त बना सकें।
उदाहरणस्वरूप, शिकायत निवारण की गति के मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन राज्यों ने शिकायतों के समाधान में औसतन 30 दिनों से कम का समय लिया, जो राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। वहीं, दोबारा शिकायतें दर्ज होने की दर को न्यूनतम रखने में दिल्ली और कर्नाटक ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जो दर्शाता है कि पहली बार में ही समाधान संतोषजनक था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निवारण में वे राज्य अग्रणी रहे जहां वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और डिजिटल प्रक्रियाओं का सही उपयोग हुआ। इसके अलावा, नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई योजनाएं और अभियान भी रिपोर्ट में उल्लेखित हैं।
DARPG की यह रिपोर्ट केवल एक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देशभर में शासन की दिशा को परखने का एक महत्वपूर्ण मानक बन चुकी है। यह रिपोर्ट नीति निर्धारकों को यह समझने में मदद करती है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और किन सफल मॉडलों को दोहराया जा सकता है।
रिपोर्ट में दी गई सिफारिशें न केवल शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक हैं, बल्कि ‘न्याय सुलभ शासन’ के लक्ष्य की दिशा में भी एक मजबूत कदम हैं। इसमें कहा गया है कि राज्यों को शिकायतों का समाधान करते समय नागरिकों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए, फीडबैक प्रणाली को सुदृढ़ बनाना चाहिए, और तकनीकी नवाचारों को अपनाकर प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए।
मई 2025 की इस 34वीं मासिक रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि जहां डिजिटल माध्यमों से शिकायत दर्ज करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है, वहीं ग्रामीण और तकनीक से वंचित क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता की कमी है। इसे दूर करने के लिए रिपोर्ट में राज्यों को सुझाव दिया गया है कि वे लोक कल्याण केंद्रों, ग्राम पंचायतों और CSCs (Common Service Centers) के माध्यम से लोगों तक CPGRAMS की जानकारी पहुंचाएं।
एक अन्य प्रमुख पहलू यह रहा कि शिकायत निवारण की प्रक्रिया में मंत्रालयों और विभागों के बीच तालमेल और डेटा साझेदारी के अभाव के कारण कई मामलों में विलंब हुआ। रिपोर्ट ने यह सुझाव दिया है कि सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एकीकृत डैशबोर्ड और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
DARPG सचिव ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेती है और यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि नागरिकों की आवाज़ अब सिर्फ सुनी ही नहीं जा रही, बल्कि उस पर ठोस कार्रवाई भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में CPGRAMS पोर्टल को और अधिक यूज़र फ्रेंडली और मल्टी-लिंगुअल बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें।
इस मासिक रिपोर्ट से एक बात स्पष्ट होती है कि भारत में शासन प्रणाली अब नागरिक-केंद्रित होती जा रही है। पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयास रंग ला रहे हैं।
DARPG की CPGRAMS रिपोर्ट एक तरह से लोकतंत्र की ताकत को भी दर्शाती है, जहां हर नागरिक की शिकायत को महत्व दिया जाता है और उस पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। यह रिपोर्ट आने वाले समय में शासन प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।







