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कोविड-19 की वापसी? 24 घंटे में 4 मौतें

कोविड-19 का कहर फिर लौटता हुआ? 24 घंटे में 4 मौतें, अब तक 113 की गई जान – जानिए कितने हैं देश में एक्टिव केस

देश में एक बार फिर कोविड-19 को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से 4 और मरीजों की मौत दर्ज की गई है, जिससे अब तक इस लहर में कुल 113 मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में एक्टिव केस की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनता और प्रशासन दोनों की चिंता गहराई है।

क्या फिर से लौट रहा है कोरोना?

पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 के मामलों में धीरे-धीरे इज़ाफा देखने को मिल रहा है। हालांकि संक्रमण की रफ्तार पहले जैसी तेज नहीं है, लेकिन यह बात चिंताजनक है कि कोरोना अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि कुछ राज्यों में केसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जबकि कुछ इलाकों में मौतों की संख्या भी उछल रही है।

अब तक का कुल आंकड़ा

  • पिछले 24 घंटे में मौतें: 4

  • अब तक इस लहर में कुल मौतें: 113

  • देश में कुल एक्टिव केस (वर्तमान): लगभग 1,800 से अधिक

  • नए रिपोर्ट हुए केस (बीते 24 घंटे): 250+

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से अधिकतर पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे और उम्रदराज थे। यह एक बार फिर से यह संकेत देता है कि कोरोना संक्रमण अब भी वृद्ध और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए घातक हो सकता है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा केस?

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, कोरोना संक्रमण के मामले कुछ खास राज्यों में अधिक सक्रिय हैं:

  • केरल

  • महाराष्ट्र

  • दिल्ली

  • कर्नाटक

  • तमिलनाडु

इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे एहतियाती कदम फिर से लागू करने की सलाह दी है।

किस वैरिएंट का प्रभाव?

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस समय जो संक्रमण फैल रहा है, वह कोविड-19 के नए उप-वैरिएंट से संबंधित है। हालांकि यह वैरिएंट ओमिक्रॉन जितना तीव्र नहीं है, लेकिन इसका संक्रमण क्षमता अधिक बताई जा रही है। इसका मतलब यह है कि वायरस कम गंभीर हो सकता है, लेकिन बहुत तेजी से फैल सकता है।

कुछ मरीजों में तेज़ बुखार, गले में खराश, हल्की खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर टेस्टिंग और आइसोलेशन से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या करें आम लोग?

देश में हालात अभी नियंत्रण में हैं, लेकिन यदि सावधानी नहीं बरती गई तो यह नई लहर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए सभी नागरिकों से अपील है कि वे निम्नलिखित बातों का पालन करें:

  1. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें

  2. हाथों को बार-बार सैनिटाइज करें

  3. हल्का बुखार या सर्दी होने पर टेस्ट जरूर कराएं

  4. टीकाकरण की बूस्टर डोज लेने में देरी न करें

  5. बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें

प्रशासन की तैयारियां

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट रहने को कहा है और टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट की नीति को फिर से एक्टिव किया गया है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) और MOHFW (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय) वायरस की जीनोमिक निगरानी भी कर रहे हैं, ताकि कोई नया घातक वैरिएंट समय पर पहचान लिया जा सके।

मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलू

कोविड का फिर से सामने आना आम लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है। लॉकडाउन की यादें, अस्पतालों के दृश्य और अपनों की मौतें फिर से ताजा हो रही हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हम डर नहीं, बल्कि सावधानी को अपनाएं।

साथ ही, फेक न्यूज़ और अफवाहों से बचें। केवल सरकारी सूत्रों या प्रमाणित मेडिकल वेबसाइट्स से ही जानकारी प्राप्त करें।

 

 

Awaz Mazha
Author: Awaz Mazha

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